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9 Feb 2023 · 1 min read

*चाकलेट बढ़ि‌या रही, लेकर बाजी मार (कुंडलिया)*

चाकलेट बढ़ि‌या रही, लेकर बाजी मार (कुंडलिया)
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चाकलेट बढ़ि‌या रही, लेकर बाजी मार
इसके देखो नाम है, अब सारा बाजार
अब सारा बाजार, दिवस यह सिर्फ मनाए
चाकलेट-डे माह, फरवरी नौ को आए
कहते रवि कविराय,मॉंग लड्डू की सुनिए
कहता काला जाम, ह‌मारा भी डे चुनिए
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रचयिता: रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा, रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 99976 15451

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