Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
8 Feb 2023 · 1 min read

आँखे मूंदकर

आँखे मूंदकर
अँधा हो जाना
कानो से सुनकर
अनसुना कर देना
अपनी सोच को ही
अपाहिज बना लेना
आपके मुर्दा जीने का तो
ये जीता जागता प्रमाण है..!

आपका यही बर्ताव
अपने वतन से
ज्यादा आपके लिए घातक है..!

© ‘अशांत’ शेखर
08/02/2023

Loading...