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8 Feb 2023 · 1 min read

झूम रही है मंजरी , देखो अमुआ डाल ।

झूम रही है मंजरी , देखो अमुआ डाल ।
गाती फागुन कोकिला , पवन लगाती ताल ।।

खिले वसंती फूल हैं , सभी ओर उल्लास ।
रंग सजे सब आँगना ,आया फागुन मास ।।

रसिया के जब रंग में ,खेले गोरी फाग ।
समझो हे रानी सखी,आया फागुन मास ।।

धरती फूलों से सजी,हृदय भरा उल्लास ।
खिलती कलियाँ गा रहीं,सुन्दर है मधु मास ।।
डाॅ रीता सिंह
चन्दौसी , सम्भल

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