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8 Feb 2023 · 1 min read

लाखो में एक थी वो

लाखो में एक थी वो
दिल की बहुत नेक थी वो

करती वो थोडी बकवास थी
पर मुझको थोड़ा खास थी

मन से बहुत नरम थी
पर दिमाग से थोड़ी गरम थी

मासूम सी वो दिखने वाली
मुंह में रखती थी हमेशा गाली

वो मुझसे हो गई है अब थोड़ा दूर
पर वो मेरी दोस्त थी इस पर मुझे है गुरूर

जो दिल को छू जाए उसकी बातें हैं ऐसी
पर पता नहीं अब वो है कैसी

उसकी याद बहुत आती है
और जब भी आती है हमेशा रूलाती है

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