नस-नस में रस पूरता, आया फागुन मास।
नस-नस में रस पूरता, आया फागुन मास।
रिसते रिश्तों में चलो, भर दें नयी उजास।।
– डॉ. सीमा अग्रवाल
नस-नस में रस पूरता, आया फागुन मास।
रिसते रिश्तों में चलो, भर दें नयी उजास।।
– डॉ. सीमा अग्रवाल