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6 Feb 2023 · 1 min read

नस-नस में रस पूरता, आया फागुन मास।

नस-नस में रस पूरता, आया फागुन मास।
रिसते रिश्तों में चलो, भर दें नयी उजास।।
– डॉ. सीमा अग्रवाल

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