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28 Nov 2022 · 1 min read

हम तुम्हें पढ़ते हैं; दैनिक अखबार की तरह

हम तुम्हें पढ़ते हैं; दैनिक अखबार की तरह,
हम तुम्हें अपना मानते हैं; सरताज़ की तरह।
एक बार कदम रख दो; हमारे निकेतन में,
हम; तुम्हें चाहेंगे बेगम मुमताज की तरह।।

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