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30 Oct 2022 · 1 min read

✍️गलत बात है ✍️

मुश्किल है सफर हाँ ये माना मगर,
तू युँ घुटने टिका दे गलत बात है,

बड़ा अंधियारा है यहाँ हर मोड़ पर,
तू यूँ दीपक बुझा दे ग़लत बात है,

बड़ी उम्मीदें है तेरे अपनो की तुझसे,
तू युँ ख़ुद को भुला दे ग़लत बात है,

कर तू कोशिश ज़रा आगे बढ़ के दिखा,
पहले ही सर झुका दे ग़लत बात है,

तेरी हर सांस से अपनो का दिल जुड़ा,
उन्हें और दर्द ना दे ग़लत बात है।

✍️वैष्णवी गुप्ता (vaishu)
कौशाम्बी

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