Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
22 Oct 2022 · 1 min read

✍️खामोश लबों को ✍️

खामोश लबों को खामोश ही रहने दो,
युँ सड़क पे करो कोई इज़हार नहीं,
इक बात याद रखना हमेशा,
सरेआम तमाशा होता है प्यार नहीं।

✍️वैष्णवी गुप्ता (vaishu)
कौशांबी

Loading...