Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
22 Oct 2022 · 1 min read

जब ही शुभ दीवाली होगी

जब ही शुभ दीवाली होगी
——————————
आओ हम सब मिलकर,
एक प्रेम का दीप जलाएं।
अपनी पावन भूमि को हम,
फिर से स्वर्ग बनाएं।।

सबके दिलों में प्यार हो,
नफ़रत को दिल से मिटा दें,?
सबके दुःखो को बांटे हम सब,
मन में खुशियों के दीप जला दें।
आओ हम सब मिलकर —-

द्वेष भाव और छल कपट का,
नामों निशान मिटा दें।
सबको हृदय से प्रेम करो,
प्यार की नदियां बहा दें।।
आओ हम सब मिलकर —-

शुभ दीवाली जब ही होगी,
जब निर्धन का मन खुश होगा।
जब मानव को मानवता कि परख होगी
आओ हम सब मिलकर,
मानवता का एक दीप जलाएं!
आओ हम सब मिलकर —-

सरहद पर पहरा देते सैनिक,
पावन धरा की रक्षा करते।
जब हम सब चैन से सोते,
आओ हम सब मिलकर,
वीरों के लिए नित एक दीप जलाएं?
आओ हम सब मिलकर —-

कोई भी मानव भूखा न रहे,
और न कोई भी बेघर हो।
सबको सारे सुख,साधन मिले,
तभी तो शुभ दीवाली हो ।।
आओ हम सब मिलकर,
ये! आज सभी संकल्प लें!
कोई भी मानव भूखा न रहे,
एक!ऐसी “अलख,,का दीप जलाएं!!!

सभी को दीपावली पर्व की
हृदय से अनंत शुभकामनाएं।
दीपों की रोशनी की तरह सभी
का जीवन जगमगाता रहे।

सुषमा सिंह*उर्मि,,

Loading...