दिल मुसलसल आज भी तुमको याद करता है।
दिल मुसलसल आज भी तुमको याद करता है।
तन्हाई के तसव्वुर में ये तुमसे ही बात करता है।।
ये मेरी परेशां जिन्दगी तुम्हारे ही निशां ढूंढती है।
तू बड़ी दूर होकर भी मेरे दिल के पास रहता है।।
✍️✍️ ताज मोहम्मद ✍️✍️