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5 Oct 2022 · 1 min read

वो एक तवायफ थी।

शहर के अदीबों की चाहत थी।
कहने को वो एक तवायफ थी।।

बचता ना कोई तीर ए नज़र से।
वो अदाएं हुस्न से कयामत थी।।

✍️✍️ ताज मोहम्मद ✍️✍️

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