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22 May 2022 · 1 min read

चाहत की सजा

दी नही बधाई उन्हे
उनके जन्मदिन की
खफा खफा आजकल वो
हमसे रहने लगे हैं ।

लाख मिन्नतों के बाद भी
नाराजगी के आलम मे
मेरी छोटी सी भूल को
घोर अपराध बताने लगे हैं ।

बख्शेगें हरगिज नही कभी
जुदा जुदा रहने का फरमान
बेधड़क बेखौफ आजकल वो
हमे सुनाने लगे हैं ।

तोड़ा है हमने उनके प्यार
और उम्मीदों का पहाड़
काट लेंगे चाहत की हर सजा
आजकल हमे वो देने लगे हैं ।।

राज विग 22.05.2022

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