Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
9 May 2022 · 1 min read

*अब घुसपैठ दलाली है 【मुक्तक】*

अब घुसपैठ दलाली है 【मुक्तक】 ■■■■■■■■■■■■■■■■■■
नेताओं की बात न पूछो , करनी इनकी काली है
इनकी कार्यप्रणाली पैसे , सिर्फ कमाने वाली है
जिस दल की सरकार बनी दलबदलू उस में जा बैठे
राजनीति का अर्थ तंत्र में , अब घुसपैठ दलाली है
°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°
रचयिता : रवि प्रकाश ,बाजार सर्राफा
रामपुर (उत्तर प्रदेश)
मोबाइल 99976 15451

Loading...