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17 Dec 2021 · 1 min read

जो दिख जाती है, तेरी एक झलक l

जो दिख जाती है, तेरी एक झलक l
जीवन पहुंच जाता है, इश्क तलक ll

जो दिन में ना दिखे है, तेरी झलक l
मेरे नयन नयन, जाते छलक छलक ll

जो तेरी लम्बे अरसे, न मिले झलक l
सदा के लिए बंद होगी पलक पलक ll

सदा सहज सम्मुख रह, दे झलक झलक l
जीवन रहे सुखों का, चुम्बक चुम्बक ll

अरविन्द व्यास “प्यास”
व्योमत्न

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