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27 Feb 2021 · 1 min read

एक मुस्कुराहट की लकीर

मन अंदर तक
भरा हुआ है
हल्का महसूस होगा जो
मैं भर भरकर तुम्हें
गालियां दूं
सामने पड़ते ही पर
तुम्हारे
होठों पर जबरदस्ती
एक मुस्कुराहट की लकीर
खींचनी पड़ती है
पहले से ही
दिलों में कड़वाहट और
दूरियां बहुत हैं
मैं अपनी भड़ास
निकालकर
हालात को और अधिक
खराब
बद से बदतर बनाना नहीं
चाहती।

मीनल
सुपुत्री श्री प्रमोद कुमार
इंडियन डाईकास्टिंग इंडस्ट्रीज
सासनी गेट, आगरा रोड
अलीगढ़ (उ.प्र.) – 202001

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