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अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
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27 Feb 2021 · 1 min read
गर प्रेम सुख का पर्याय है
गर प्रेम सुख का पर्याय है
समर्पण सुख का आधार
स्वयं की जब परवाह करो
तब मिले सुख अपार
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