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23 Dec 2020 · 1 min read

बचे इन्सानियत कैसे बता दो

बचे इन्सानियत कैसे बता दो
दिये है जख्म उसको तो भरा दो

कली थी डालि की नाजुक अभी जो
मिटाया क्यों जरा हमको जता दो

किया अपमान तुमने कामिनी का
गिरो दोजख अनल खूद को जला दो

घिनोना कर्म जो तुमने किया है
सजायें सख्त क्या पाओ बता दो

नरों के वेष में हो तुम दरिन्दे
पकड़ कर कैद कर फाँसी जफ़ा दो

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