Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
19 Jul 2020 · 1 min read

इंसान बनाएंगे

मिलकर फिर लहू बहाएंगे
हम भारत नया बनाएंगे
जाति धर्म की बात जो करते
उनको इंसान बनाएंगे

खर्चों से कुछ नित्य बचाकर
रूखी सूखी रोटी खाकर
शिक्षा की अलख जगाएंगे
हम भारत नया बनाएंगे

प्यार से चाहे, तकरार से
हर प्रयास से, हर प्रकार से
नफरत के निशा मिटाएंगे
हम भारत नया बनाएंगे

बची रहे बेटी की असमत
प्राणों से प्यारी यह दौलत
बेटी का मान बढ़ाएंगे
हम भारत नया बनाएंगे

देश का अपने रखना ध्यान
मन में रहे सबका सम्मान
संस्कार यही सिखाएंगे
हम भारत नया बनाएंगे

छुआछूत नहिं पनपे मन में
एक ही रक्त है हर तन में
सबको यह पाठ पढ़ाएंगे
हम भारत नया बनाएंगे

Loading...