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15 Jun 2020 · 1 min read

सात्विक दान

दान सात्विक है वही, जानि न पावे कोय।
दक्षिण कर के दान की, बामहिं खबरि न होय।

बामहिं खबरि न होय, न जाने लेने वाला।
रखे स्वयं को गोय, दान को देने वाला।

कह संजय कविराय, स्वयं गुणगान तामसिक।
देकर दे विसराय , वही है दान सात्विक ।

संजय नारायण

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