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14 Jun 2020 · 1 min read

प्यार का ऐसा सर संधान

प्यार का ऐसा सर संधान
बीज नष्ट नफरत का हो
सुरभित हो सकल जहांन
मिट जाए आतंक जगत से
हिंसा और अज्ञान
प्यार का ऐसा सर संधान
प्रेम पले नफरत घटे
हो मानवता का गान
हर दिल मैं उजियारा हो
इंसान समय पहचान
प्यार का ऐसा दो पैगाम
न जाति धर्म के झगड़े हो
न मरे कोई इंसान
प्यार का ऐसा सर संधान

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