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12 Jun 2020 · 1 min read

राधाकृष्ण

राधेकृष्ण की प्रीत अनोखी जो जग ने ना देखी होगी
प्रेम है उनका ऐसा अनूठा जो छोड़े ना ही छूटी होगी

राधेकृष्ण है एक दूजे के संग प्रेम ना ऐसी देखी होगी
प्रेम है उनका सबसे सच्चा जो बिन बांधे बंधी होगी

नाम भी हैं एक दूजे के संग नाम ना ऐसी देखी होगी
राधे के मन में प्रेम है सच्चा प्रीत ना ऐसी देखी होगी

रहते एक दूजे के हृदय में वास उनका स्थान वही है
पीड़ा हो एक को तो हृदय में दर्द दोनों को होते वहीं हैं

राधा के मन में कृष्ण बसे हैं कृष्ण के मन में बसी है राधा
दोनों है एक दूजे के संग चाहे हो मार्ग में कितनी भी बाधा

ममता रानी

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