Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
10 Jun 2020 · 1 min read

सीख

तलबों में चोटियाँ टेकना आ गया।
झाँसे की गोटियाँ फेकना आ गया।
एक नेता की संगत में था चार दिन,
मुझको भी रोटियाँ सेकना आ गया।

संजय नारायण

Loading...