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5 Jun 2020 · 1 min read

अपने मन के

अपने मन के खालीपन को भरते जाओ ।
दुनिया में गर आये हो कुछ करते जाओ ।।

जलने वालों को तो निंदा करने दो ।
खुद के कष्ट हरो दूजों के हरते जाओ ।।

सोच समझकर डाली कहती है फूलों से ।
जाओ दुखियारों के पथ में झरते जाओ ।।

जो बिना कारण दुश्मन बन कर तंग करें ।
उनकी छाती पर अपने पग धरते जाओ ।।

कुत्तों का है काम भौंकना तो भौंकेंगे ।
तुम राहों पर अपनी सदा निडरते जाओ ।।

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