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4 Jun 2020 · 1 min read

बरखा रानी जल्दी आओ

बरखा रानी जल्दी आओ, तन मन की अब प्यास बुझाओ,
बरखा रानी जल्दी आओ
तड़प रही है प्यासी धरती, आकर हरी-भरी कर जाओ
बरखा रानी जल्दी आओ
मोर नाचना भूल गया है, गौरैया भी प्यासी है
सूख रहा है दिल का मधुबन, दिल की तपन दूर कर जाओ,
बरखा रानी जल्दी आओ
दादुर मोर पपीहा प्यासे, प्यासा है संसार
आओ झमाझम बरसो मेघा, साजन करे पुकार
बरखा रानी जल्दी आओ,
तन मन की तुम प्यास बुझाओ
नदी है सूखी नाले सूखे, सूखे ताल तलैया
पर्वत का भी कंठ है प्यासा, बड़ा बाग हो रहा रुहांसा
आकर अगन शांत कर जाओ,
बरखा रानी जल्दी आओ
सबके तन मन शांत करो, सब को खुश कर जाओ
भूखा प्यासा है किसान, तुम खेत हरे-भरे कर जाओ
बरखा रानी जल्दी आओ,
आकर सब की प्यास बुझाओ,
बरखा रानी जल्दी आओ

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