Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
2 Jun 2020 · 1 min read

सोचा भी न था

******* सोचा भी न था *******
***************************

होगा बुरा अंजाम सोचा भी ना था
हासिल ऐसा मुकाम सोचा भी न था

अनीतिपूर्ण है निलंबन का फैसला
होंगे सडक किनारे सोचा भी न था

परिवार का खुशियों भरा यह संसार
जाएगा यहीं बिखर सोचा भी न था

सपने संजाएं जीवन के खुशी खुशी
टूटेंगे सब अरमान सोचा भी न था

सूत्रधार अपराधी प्रभावित नहीं
बलि चढ़़े हैं निर्दोष सोचा भी न था

जिंदगी के पड़ाव में करेंगे वो क्या
होंगे बेरोजगार सोचा भी न था

मिली थी ये पद प्रतिष्ठा मान सम्मान
पल में जाएगी छिन सोचा भी न था

कल तक करते थे यहाँ अर्जन कार्य
बनेंगे वे भिक्षार्थी सोचा भी न था

घोर अन्याय से मिली है गहरी चोट
फंसेगे वो मंझदार सोचा भी न था

पीड़ित के दिलोदिमाग भारी भारी
होंगे सदमें में यह सोचा भी न था

सर्व शिक्षक संघ बिल्कुल साथ खड़े
पी टी आई बर्खास्त सोचा भी न था

दुख सुख बहते हैं एक ही दरिया में
यूँ डूब जाएंगें सोचा भी न था

सुखविंद्र तकलीफों में हैं साथ खड़ा
उजड़े बीच बाजार सोचा भी न था
***************************

सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खेड़ी राओ वाली (कैथल)

Loading...