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1 Jun 2020 · 1 min read

आवारा दिल

बेचैन ही रहता है आराम नहीं लेता.
आवारा दिल सबर से काम नही लेता.

उसने बोला तेरी हूँ कुछ तसल्ली तो रख.
मैं तब से किसी और का सलाम नही लेता.

मेरे ख्यालों की वो बन चुकी मल्लिका अब.
नही पड़ेगा चैन जब तक पैगाम नही लेता.

अनमोल है प्यार नही बिक सकता कभी.
दिल भी मोहब्बत का कोई दाम नही लेता.

चख ले गर कोई मोहब्बत का नशा यहां.
उम्र भर फिर कोई और जाम नही लेता.

बदनाम ना हो जाए कहीं तू इश्क के बाज़ार में.
यही सोच कर दीप नाम तेरा, सरेआम नहीं लेता.
✍️✍️…दीप

26 May, 2020
11:30 PM

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