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1 Jun 2020 · 1 min read

शौक से मरने चले है......

इश्क़ है हमको वतन से इश्क़ हम करने चले है।
बांध कर सर पे कफ़न हम मौत से लड़ने चले है।
तुम सियासी हो तुम्हारे साथ में धरने चले है,
हम सिपाही है तभी तो शौक से मरने चले है।

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