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1 Jun 2020 · 1 min read

जल गहरा है

रुको जरा यह जल गहरा है ।
नीरव शांत और ठहरा है ।।…

ध्वनि करता जो बहता पानी ।
उथलेपन की यही निशानी ।।

सस्ती धातु अधिक खनकती ।
खाली गेंदें अधिक बमकती ।।

बजते है झुन झुने अधिक तो ।
बस हल्केपन का लहरा है ।।…

जिस घर वृद्ध जनों का रहना ।
सुख सौभाग्य भरा घर कहना ।।

जीवन की पूरी किताब हैं ।
हर सवाल का ये जबाब हैं ।।

तन की एक एक झुर्री पर ।
सौ- सौ अनुभव का पहरा है ।।…

होगा कोई मित्र पुराना ।
पर व्यवहार विरोधी जाना ।।

दुश्मन की हो चाल घनेरी ।
भर नित कान गई मति फेरी ।।

बात करो या फिर जाने दो ।
भटका हुआ एक चेहरा है ।।…

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