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30 May 2020 · 1 min read

कमाल और भी हैं

1212-1122-1212-22/1122

हमें तुम्हारे अलावा खयाल और भी हैं
कि जिंदगी में बहुत से बवाल और भी हैं

गुमान जिनको हुआ है, हैं खूबसूरत वो
बता दो दुनिया में उनसे जमाल और भी हैं

कहा है किसने तुम्हें के कमाल लगते हो
तुम्हें खबर नहीं शायद कमाल और भी हैं

अकेला तू ही नहीं है यहां ज़माने में
वफ़ा में धोखा मिला है मिसाल और भी हैं

जिसे समझने लगे थे वफ़ाओं की मूरत
उसी की चाहतों से अब निहाल और भी हैं

हमें भी बात नहीं करनी उनसे छोड़ो अब
कहेंगे कुछ भी नहीं पर मलाल और भी हैं

ये मेरी ख़ामुशी भी बोलती नहीं ‘सागर’
वगरना उनसे हमारे सवाल और भी हैं
#सागर
जमाल-खुबसूरत

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