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26 May 2020 · 1 min read

बचपन...!!

वो कागज़ की कश्ती और नदी का किनारा था!
खेलने की मस्ती थी और दिल भी आवारा था!

अब आ गये हैं हम सब समझदारी के ज़माने में!
हमारा वो नादान बचपन भी बहुत ही प्यारा था!
✒️ Anoop S.

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