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26 May 2020 · 1 min read

शायरी

हमारी जिंदगी का कोई ठिकाना बन गया,
कल कोई आया था वो जमाना बन गया,

हम तुम्हारी यादों में रहते हैं ऐ सफ़र,
हम तुम रहे थे एक साथ वो भी बन गया था,।

Jayvind Singh Ngariya Ji

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