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26 May 2020 · 1 min read

मन की गली गली में,

मन पन्नो पे बस,
तेरी लिए ही कलम चले है l

मन की गली गली में,
बस तेरी महक ले,
पवन चले है l

जीवन बगिया में ,
तेरे रूप का, रस रंग ले,
कलियाँ फूल फल, फले है l

तेरी अदायें याद कर कर,
दिन उगे है, दिन ढले है ,
निशा जले है l

मन की रग रग में ,
प्रीत गुलाबी गुलाबी रक्त,
मस्त मचले मचले है l

तेरे विरह में ,
पल पल गम जम जम,
जीवन खले है l

तेरा रूप निहार निहार,
प्रेम प्यास का,
बस चलन चले है l

मन पन्नो पे बस,
तेरी लिए ही कलम चले है l

अरविन्द व्यास “प्यास”

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