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25 May 2020 · 1 min read

घड़ी

घड़ी-(बाल कविता)

दिनभर चलती
रात न थकती
सुई नही सुस्ताती है
सही समय बतलाती है ।
टिक टिक की आवाज लगाती
कब क्या करना हमें बताती।
सुबह हमें सताती है ।
जल्दी हमे उठाती है ।
चलते रहना कभी न रुकना
यही पाठ पढाती है
घड़ी समय बतलाती है।
विन्ध्य प्रकाश मिश्र विप्र

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