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25 May 2020 · 1 min read

ईद मुबारक

दुआ करो कि ईद का मौका है
सहारा की तपिश के बीच
रोज़ो की पाक दुआओं से
पल्लवित आया हवा का झोंका है।

रमजान के महीने में
ईदी की चुलबुलाहट में
खिला फिर से बचपन सलोना है।

दूर रहकर ही सही
दिलों के पास मगर
अपनी दुआओं में तूँ
मुझे भी याद कर।

गले न मिले न सही
गिले दूर हो, मोहब्बत बेइंतहा
इस बार का यही तोहफा है।

दुआ करो कि ईद का मौका है।

ईद के मुबारक मौके पर हम सभी दुआ करें, कि हमारे देश में अमन और चैन हो, आपसी भाईचारा मजबूत हो, एक दूसरे के लिए हम उदाहरण बने, और गंगा – जमनी तहजीब का भारत विश्व गुरु बनने के लिए मजबूती से आगे बढ़े।

ईद मुबारक हो।

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