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21 May 2020 · 2 min read

वो भी एक पुलिस वाला था।

वैसे तो मैं लिखता रहता हूँ
पटल पर दिखता रहता हूँ
अपनी हर बात आपसे कहता रहता हूँ
और आप जानते हैं कि मैं टेंगनमाड़ा में रहता हूँ
सब तरफ करोना, करोना, करोना का रोना है
मानवता दाँव पर है और डर है कहीं किसी को खोना है
कुछ दिन पहले की बात है मैं यानि हम सब गिनती के पाँच लोग क्रिकेट खेल रहे थे
कुछ लोग फील्डिंग कर रहे थे और एक खिलाड़ी बल्ले से गेंद झेल रहे थे
हमन नियम का पालन नहीं किया मुझे इसका बहुत ही खेद है
पर आगे से ऐसा नहीं होगा मेरे विचार में अब भेद हैं
क्षमा चाहता हूँ सर
भावना है प्रबल और कह रहा हूँ होकर निडर
इसी बीच पुलिस की गाड़ी आ गयी
मैदान में एकाएक जैसे खामोशी छा गयी
भागने के अलावा कोई और चारा नहीं था
भला अपना जान किसे प्यारा नहीं था
बेट,स्टम्प सब जप्त हो गया
खेल भी मैदान से स्वयं लुप्त हो गया
हो गया खेल पर विराम
घर बैठो और करो कुछ अलग काम
मेरा बेट मुझे बहुत प्यारा था
उस बल्ले से निकले शाट का अद्भुत ही नजारा था
कूद जाती थी बाल सीमा रेखा को छूती नहीं थी
बाउंड्री और सिक्स से कम बात होती नहीं थी
उसी बेट की चाह में
और बेलगहना थाने की राह में
मैं चला विन्रम निवेदन के लिए
एक महानुभाव की अनुशंसा से विनय आवेदन के लिए
वहाँ जो शख्स विराजमान था
यकीन मानिए वो एक भगवान था
श्री दिनेश चंद्रा के नाम से जाना जाता है
सादगी चहरे पर और शालीनता से गजब का नाता है
मेरी बात सुनकर वो बोले
आप वहाँ अकेले थे कहाँ है आपके चेले
मैं कहा और चार थे
वो भी हमारे यार थे
आप उन सभी को बुलाइए
और मुझे कम से कम उनको दिखाइए
मैं बोला वो गाँव में हैं अभी तो नहीं आये
उन्होंने कहा तो आप अकेले ही तशरीफ़ लाये
चलिए ठीक है मैं आपके गाँव आता हूँ
मैं बोला उनसे आपको मैं मिलवाता हूँ
बढ़ी ही उदारता से उन्होंने मुझे मेरा बेट प्रदान किया
धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मैं वहाँ से प्रस्थान किया
मैंने कहा हृदय से अभिनंदन है आपका श्रीमान
शायद पुलिस को आप देंगे एक सबसे अलग और अनुपम पहचान
आपका कर्तव्य, आपकी शैली,आपकी सोच में गजब की धार है
आपने जो दिखाया है उसे देखकर कहता हूँ मुझे पुलिस से प्यार है
उसके व्यक्तित्व की सादगी ने मुझे मारा है
पुलिस की छवि में भी वो आदमी एकदम प्यारा है
एक आदमी मेरी ही तरह बिना वर्दी के निराला था
कोई और नहीं
वो भी एक पुलिस वाला था।

पूर्णतः मौलिक स्वरचित सृजन की अलख
एकदम सत्य घटना पर आधारित अकल्पनीय
आदित्य कुमार भारती
टेंगनमाड़ा, बिलासपुर,छ.ग.

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