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17 May 2020 · 1 min read

समय अभी निकला नही है

समय अभी निकला नही है
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पछता न अपनी करनी पर
जो भूल हुई सो भूल जा।
माथा टेक के बैठ न
फिर से मन मे जोश जगा
के वक़्त अभी इतना भी
मुट्ठी से फिसला नही है।
समय अभी निकला नही है।

है हाँथ अब भी सब तेरे
सब तू अब भी पा सकता है।
फूट गई जो किस्मत तेरी
तू फिर से उसे बना सकता है।
के वक़्त से तू इतना ज्यादा
अभी पिछड़ा नही है।
समय अभी निकला नही है।

उठा कर फिर हथियारों को
तोड़ डाल दीवारों को।
लड़कर अपनी छोटी सोच से
दिखा ताक़त सारों को।
के वर्तमान के संकट से
तुझे अब छिपना नही है।
समय अभी निकला नही है।

अभी पलट सकती है बाजी
अभी तू तेरी क़िस्मत का माँझी।
की उम्मीदों का डेरा अभी
पूरी तरह जला नही है।
कुछ आस अब भी बाकी है
क्योंकि सूरज अभी ढला नही है।
समय अभी निकला नही है।

चमत्कार हो सकता है अब भी
अँधेरा इतना भी फैला नही है।
मेहनत से खड़ा कर सकता है
तू फिर से शहर अपना।
अच्छा वक़्त तुझसे अभी
इस कदर भी बिछड़ा नही है
समय अभी निकला नही है।

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