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13 May 2020 · 1 min read

" इंतजार-ए-किस्मत "

इश्क कहता है ना मांग मुझे अपनी किस्मत में ,
मैं वो एहसास हूं जो रहता है हर फिरकत में ।
इश्क ही तो है हर सख्स के दिलकस्त में ,
ना समझ रह जाएगा इंतजार-ए-किस्तम में ।।

✍️ ज्योति ✍️

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