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12 May 2020 · 1 min read

~~~{{{ गरीब हूँ .}}}~~~

~~~{{{ गरीब हूँ .}}}~~~

गरीब हूँ झोला फटा है दिल नही ,
गरीब हूँ कपड़ा फटा है नियत नहीं,
गरीब हूँ शक्ल बुरी है सीरत नहीं ,
गरीब हूँ पेट भूखा है हवस नहीं ,
गरीब हूँ किस्मत मरी है ज़मीर नही,
गरीब हूँ दौलत मरी है हिम्मत नहीं ,
गरीब हूँ जूते फटे है कदम नहीं ,
गरीब हूँ रास्ता दूर है मंजिल नहीं ,
गरीब हूँ गम बहुत है पर दर्द नहीं ,
गरीब हूँ बच्चे अनपढ़ है साहेब पर
संस्कार अनपढ़ नही ,
गरीब हूँ गिरा ख़ुद हूँ हौंसले नही ,
गरीब हूँ लाचार बहुत हूँ पर मोहताज़ नही,
गरीब हूँ बेकार बहुत हूँ पर बेईमान नही ,
गरीब हूँ घर छोटा है जनाब सोच नही ,
गरीब हूँ मुक्कदर रूठा है साहेब मेहनत नही ,
गरीब हूँ चूल्हा कम जलता है साहेब
पर चूल्हा पकाता खून पसीने की है ,

गरीब हूँ चूल्हे का धुंआ और बच्चो की भूख
रुलाती बहुत है साहेब,पर आंख खोल
के रखती है.

गरीब हूँ तो क्या हुआ साहेब,अमीर दुआएँ माँ
की बहुत असर करती है ,

गरीब हूँ तो क्या हुआ साहेब बहन की डोली
अब भी इन कंधो की शान है ,

गरीब हूँ तो क्या हुआ साहेब बाप का आशीर्वाद
अब भी जवान है .

गरीब हूँ तो क्या हुआ साहेब जज़्बा देश का लिए
कहते हैं मेरा भारत अब भी महान हैं !!
●●●●● जय हिंद ●●●●●

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