Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
10 May 2020 · 1 min read

वो मेरे घर का सोना है

वो मेरे घर का सोना है
जिसे मुझे कभी ना खोना है
उसकी यादों में जगना है
उसकी यादों में सोना है
वो मेरे घर का सोना है

वो है तो जिंदा हूं मैं भी
उससे ही मेरी कहानी है
जो देख रहे हो तुम मुझको
उसकी सौपी ये जवानी है
आंसू की तरह कभी उसको
ना मुझको कभी बहाना है
वो मेरे घर का सोना है

बिखरा बिखरा सा जीवन था
अपना कोई नहीं नशेमन था
वो आया तो खुशियां आयीं
सांसों में मेरी सांसे आयीं
उसका हर दर्द अब सहना है
वो मेरे घर का सोना है

अब सुख-दुख साथ ही जी लेंगे
हम हंसते रोते खेलेंगे
यादों की गुजरी दुनिया में
सपनों की झूला झूलेंगे
मुझको कानों में तेरे
सनम बहुत कुछ कहना है
वो मेरे घर का सोना है

दुनिया की क्या परवाह करना
हमको है अब संग संग रहना
कोई जलता है तो जलने दे
जलने वालों का क्या करना तुझको बाहों में भर कर
मुझे प्यार बहुत अब करना है
वो मेरे घर का सोना है

दुःख वाले दिन भी बीतेंगे
तू संग है हम ही जीतेंगे
तेरी हंसी पै मैं लूट जाऊंगा
तेरे लिए सब से लड़ जाऊंगा
संग संग हमको अब रहना है
वो मेरे घर का सोना है

तू गजल में गीत में दोहों में
तू नजर ,जिगर और बाहों में जचती है मेरे संग तू ही
आ लेले मुझे पनाहों में
अब दूर कभी ना होंगे हम
संग मरना हमको जीना है
वो मेरे घर का सोना है

Loading...