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10 May 2020 · 1 min read

पापा

07/05/2020
पापा आप मेरा आसमान थे
गर्व थे आप मेरा और स्वाभिमान थे
आप तो चले गए
छोड़ अकेला हमें
बहुत याद आती है ,हर रोज हमें
आज का वो मनहूस दिन तो हम कभी भूल ही नहीं सकतें
क्योंकि यही वो दिन था
जब आप हो गये थे हम सबसे दूर
बहुत दूर ……. बहुत दूर
आज हम गमगीन तो है
मगर ….. आपकी इच्छाओं और
स्वपनों को पूरा करने की लगा हुआ हूं कोशिश में।
मेरी एक एक कामयाबी करेगी आपका चर्ण बंदन।
आपको हमारा कोटि-कोटि प्रणाम
=====पापा जी
नरेश सागर

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