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10 May 2020 · 1 min read

" सो जाते "

कभी ख्वाहिशें करते थे कि ,
इस खुले आसमां में भी हम गोते लगाते ।
आज उड़ रहे हैं आसमां में मन करता है कि ,
उस मां की गोद में फिर सो जाते ।।

✍️ ज्योति ✍️

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