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9 May 2020 · 1 min read

कविता, गीत, प्यार

तू एक प्यार का गीत है, मैं तेरा कलमकार हूँ
तू जीवन का संगीत है, मैं तेरे संगीत की झंकार हूँ
तुझ बिन मैं नहीं, हाँ नहीं, कुछ नहीं
तू मेरे दिल की जीत है, मै तेरा दिलजीत यार हूँ
ये है तेरा साया
कहीं धूप कहीं छाया
तुझको यहाँ जो पाया
चैन मुझको अब आया
अजब है तेरी माया
तुझे ही खुदा बनाया
तूने जो रास्ता दिखाया
ख्वाब आंखों में सजाया
साथ मेरा यहाँ निभाया
मेरा सब तुझमें समाया
मैं दुनिया को भुलाया
मिल गया मुझे खुदाया
तू एक मधुर प्रीत है, मैं तेरे प्रीत का पतवार हूँ
तू मेरे मन का मीत है, मैं तेरे मनमीत का इकरार हूँ
तू एक प्यार का गीत है,मैं तेरा कलमकार हूँ
नींद आंखों से उड़ाया
तू नींद का चोर कहाया
चैन को भी है भगाया
मुझे इतना बेचैन कराया
रातों को यूं तुने बढ़ाया
तुने तो गजब है ढाया
हर घड़ी दिल को सताया
हुनर ये कहाँ से लाया
मैंने बहुत है समझाया
तुने काला जादू चलाया
इतना मत तड़प भाया
हूर से है जो दिल लगाया
तू फूल सुगंधित है, मैं तेरे फूल का मस्त बहार हूँ
तू जीवन का एक रीत है, मैं तेरे रीत का फनकार हूँ
तू एक प्यार का गीत है, मैं तेरा कलमकार हूँ

पूर्णतः मौलिक स्वरचित सृजन की अलख
प्यार के सुगंध वाले फूल
आदित्य कुमार भारती
टेंगनमाड़ा, बिलासपुर, छ.ग.

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