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20 Aug 2016 09:00 PM

WaAaah

20 Aug 2016 08:24 PM

जो घाव तुुम्ने दिया था वो घाव ज़िंदा है
अभी हँसो न मेरी जान राव ज़िंदा है

तुम्हारी दिल से वही खेलने की आदत है
हमारा अपना वही रख रखाव ज़िंदा है

जिंदा शायरी …

नज़ीर नज़र

16 Aug 2016 05:29 PM

Shukriya Megi ji

Shukriya Sandeep bhai

16 Aug 2016 04:55 PM

Waaaaahh bhot khoob

16 Aug 2016 03:57 PM

kya kahne

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