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Comments (10)

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28 Jul 2022 05:34 PM

जिन्दगी के अल्फाजों को आपने बेहतरीन शब्दो से तराशा है इस रचना मे।🙏🏻👌🏻👌🏻👏👏

28 Jul 2022 06:22 PM

आपका बहुत बहुत आभार

28 Jul 2022 01:51 PM

बहुत हीं शानदार शब्दों की अदाकारी… 🙏

28 Jul 2022 02:33 PM

बहुत बहुत धन्यवाद आपका।

बहुत ही सुंदर रचना है।

28 Jul 2022 02:33 PM

आपका सादर आभार।

क्या बात है ताज भाई आज तो अल्फाज़ो का कहर बरफा रहे हो, ये जो गजल है ये साहित्यपिडिया पर लिखी गयी अब तक के सारे दर्जनों गजलों का कोहिनूर है अकबर है मैं और ज्यादा कुछ लिखूं तो शायद ये इस गझल के अल्फाज़ो का सम्मान नही होगा बस सर झुकाके आपको सलाम करू ये ही मुनासिब है आपके हाथ जरूर चूमूंगा जब मिलूंगा 🙏🙏🙏🙏🙏

28 Jul 2022 02:36 PM

👏

हर एक शेर को मैं बार बार पढ़ रहा हूँ अब तक मन भरा नहीं जादू करिश्मा है ये गझल

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