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Comments (36)

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27 Jan 2023 10:46 AM

बहुत ख़ूब।

29 Aug 2022 10:59 PM

Super poem

23 Jul 2022 10:30 AM

अति सुन्दर रचना

आम की महिमा पढ़कर हमरे मुँह में पानी आवत।
केसर खाकर पड़ो चैन,और मजो लग गया आवन।।

wah. Thanks a million.

22 Jul 2022 02:33 PM

Sundar aur rochak kavita

22 Jul 2022 02:24 PM

great creation.

22 Jul 2022 02:16 PM

,*आम

22 Jul 2022 02:15 PM

आम तो आम ही है पर आपके कहने का लहजा खास है।बहुत सुंदर प्रस्तुति। अब आपके सेंचुरी को पार करने वाले है।कृपया मेरी अन्य रचनाओं का भी अवलोकन करे और अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दीजिएगा। इंतजार रहेगा।

22 Jul 2022 02:14 PM

बहुत सुंदर,,

22 Jul 2022 02:09 PM

Superb sir

22 Jul 2022 01:32 PM

सही मे आम की बात ही निराली है। बहुत सुंदर रचना सर।

Thanks a lot, Anamika ji.

22 Jul 2022 01:09 PM

superb,,,,,,

22 Jul 2022 12:58 PM

Very nice sir ji

22 Jul 2022 12:49 PM

Ati sundar

22 Jul 2022 09:40 AM

‘आम की महिमा ‘ सचमुच न्यारी और प्यारी

Thanks a million, dr. Madhu..!

22 Jul 2022 09:37 AM

Good

22 Jul 2022 09:27 AM

आम की महिमा न्यारी,
आशा पर आम और अमिया भी बलिहारी !!

Thanks a lot, dr.Pankaj..!

22 Jul 2022 09:19 AM

Ati sunder

उक्त रचना “राष्ट्रीय आम दिवस” 22/07/2022 को सृजित की गई।

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