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31 May 2022 01:15 PM

बहुत खुबसूरत रचना।
कृपा”मेरा गुरूर है पिता”रचना पढकर कृतार्थ करें।

अति उत्तम

अपनें सपनों को अब वो मेरी आँखों से देखा करते हैं,
इस पंक्ति में मैंने पापा के अधूरे ख्वाबों की भावनाएं व्यक्त की है जो अब मुझे पूरे करनें हैं

29 May 2022 10:36 AM

Right…Rice

बहुत सुन्दर| मेरी रचना पिता पढकर अपनी प्रतिक्रिया देने की कृपा करें|

29 May 2022 01:23 AM

Nice Creation….!! Really….heart touching

उत्तम kavita, Shivpratap ji। यदि समय मिले तो कृपया मेरी रचना ” पिता का साया” का भी अवलोकन करने का कष्ट कीजिएगा। साभार।

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