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बहुत सुंदर रचना ।कृपया मेरी कविता “अमर प्रेम (सवैया) का अवलोकन कर एक वोट देकर सहयोग की कृपा करें।।

दुबे जी यह रचना , गलत मोड़ ले गयी ,इसमें संसोधन की जरूरत है , यह अत्यधिक कुंठित मन का विस्फोट है ।

4 Jan 2021 01:18 PM

बहुत सुन्दर लघु कथा अक्षय दुबे जी.. आपको नव वर्ष की शुभकामनाएँ ?? मेरी रचना “कोरोना बनाम क्यों रोना” का भी अवलोकन करके अपना बहुमूल्य वोट देकर अनुगृहित करें ?

अत्यंत भावुक रचना, दुबे जी..!
आपसे विनम्र अनुरोध है कि मेरी रचना “कोरोना को तो हरगिज़ है अब ख़त्म होना ” पर भी दृष्टिपात करने की कृपा करें एवं यदि रचना पसन्द आए तो कृपया वोट देकर कृतार्थ करें..!
साभार..!???

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