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Comments (4)

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25 Apr 2020 09:39 PM

90 का दौर लेजेंड दौर था na कभी ऐसा दौर आया न आएगा ऐसा बचपन ड्रीम बचपन होता है.क्या मस्त दिन थे खेल से लेकर फिल्में गाने कार्टून गीत singer pop singer actor सब एक से बढ़कर एक,हम आपके है कौन ओर बॉर्डर क्या धमाल था यार, कोई खेल ऐसा नही जो na khela हो sara दिन पेड़ों पतंगों में गुजर जाता आमपाचक गुरुचेला ek rupye की 20 टाफियां एक rupye की 4 kulfiyan ek rupye के 8 gollgappe ??कोई नही enjoy kr sakta वो बचपन fir कभी

26 Apr 2020 05:01 AM

सच कहा आपने

अति सुंदर बचपन की मीठी यादों की प्रस्तुति।
मुझे अत्यंत आश्चर्य है कि आपने कैसे इतने विस्तृत रूप में अपनी बचपन की यादों को संजो कर रखा है।
यह सराहनीय है।

धन्यवाद !

24 Apr 2020 09:59 AM

बहुत बहुत शुक्रिया महोदय। बचपन की यादें कहाँ भुलाई जा सकती हैं।

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