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हैवानियत से भरे इस शहर में मैं इन्सानियत ढूँढती हूँ ।
आपके श्रुब्ध मनस के उद् गार मार्मिक हैं।
नारी मनस की व्यथा का सटीक चित्रण है।

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1 Dec 2019 10:04 PM

कोशिश है लिखने की !

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