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In reply to Mahender Singh
6 Dec 2018 08:42 AM

जी, बिल्कुल सही फ़रमाया आपने… आ0 रचनाओं की अनदेखी हुई है कइयों ने तो रचना को पूरा पढ़ा तक नहीं । शुरुआत में तो मैंने किसी प्रकार का आग्रह नहीं किया लेकिन अंत मे मैंने भी आग्रह सिस्टम का सहारा ले लिया। जो कि खेद का विषय है आगे से ऐसा ना हो तो अच्छा है

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